भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का लक्ष्य स्थिर वित्तीय प्रणाली
सुनिश्चित करना, मौद्रिक स्थिरता बनाए रखना और आर्थिक विकास को सुविधाजनक बनाना है।
भारतीय अर्थव्यवस्था को विशाल असंगठित श्रम शक्ति के कारण बेरोजगारी को सटीक रूप
से मापने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे व्यापक
डेटा संग्रह कठिन हो रहा है।
आरबीआई के आदर्श और व्यवहार:
वित्तीय स्थिरता:
आरबीआई की प्राथमिक भूमिका विनियमन और पर्यवेक्षण के माध्यम से
वित्तीय प्रणाली, विशेषकर बैंकिंग क्षेत्र की स्थिरता सुनिश्चित करना है।
मौद्रिक नीति:
आरबीआई मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने और मूल्य स्थिरता बनाए रखने
के लिए मौद्रिक नीति निर्धारित करता है।
आर्थिक विकास:
आरबीआई की कार्रवाइयों का उद्देश्य आर्थिक विकास को समर्थन और बढ़ावा
देना भी है।
मुद्रा और ऋण प्रणाली:
आरबीआई देश के लाभ के लिए मुद्रा जारी करने को विनियमित करने और ऋण
प्रणाली को संचालित करने के लिए जिम्मेदार है।
डेटा संग्रहण और व्याख्या में चुनौतियाँ:
असंगठित श्रम बल:
भारतीय कार्यबल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा असंगठित क्षेत्र में कार्यरत
है, जहां औपचारिक रोजगार रिकॉर्ड अक्सर अनुपस्थित होते हैं।
डेटा संग्रहण सीमाएँ:
इससे रोजगार और बेरोजगारी दरों को सटीक रूप से मापना मुश्किल हो जाता
है।
आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस):
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा संचालित
पीएलएफएस रोजगार और बेरोजगारी के आंकड़ों का प्राथमिक स्रोत है।
ऐतिहासिक डेटा:
पीएलएफएस से पहले राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा
पंचवर्षीय सर्वेक्षण आयोजित किए जाते थे, लेकिन अब पीएलएफएस प्राथमिक स्रोत
है।
बेरोजगारी की दर:
यद्यपि पीएलएफएस बेरोजगारी पर आंकड़े उपलब्ध कराता है, लेकिन
अनौपचारिक क्षेत्र को शामिल करने में आने वाली चुनौतियों के कारण बेरोजगारी की
वास्तविक सीमा का निर्धारण करना कठिन हो जाता है।
बेरोज़गारी को प्रभावित करने वाले कारक:
बेरोजगारी विभिन्न कारकों से प्रभावित हो सकती है, जिनमें
आर्थिक स्थिति, कौशल अंतराल और कुछ क्षेत्रों में अवसरों की कमी शामिल है।
Financial Stability - RBI
A stable financial system facilitates efficient transmission
of monetary policy actions. From the perspective of regulation and su...
RBI
9.4 Labour and Employment statistics - MoSPI
25 Due to these limitations the Employment Exchange data on
live registers, as an indicator of unemployment in the country, has se...
MoSPI
unemployment rate reduced to 3.2 per cent in 2023-24 from
... - PIB
31 Jan 2025 — So far, 12 schemes of different central
ministries/departments have been integrated/mapped with eShram. Flexible
Labour...
PIB
Show all
जनरेटिव एआई की सुविधा फ़िलहाल एक्सपेरिमेंट के तौर पर उपलब्ध है.
वित्तीय सलाह के लिए, किसी
No comments:
Post a Comment